सवा तीन लाख कोयला कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोत्तरी

नई दिल्ली। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई जेबीसीसीआइ(बाइपरटाइट कमेटी ऑफ़ कोल इंडसट्रीज)-10 की बैठक में देश     के सवा तीन लाख कोयला कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को 4 फीसदी भत्ता भी मिलेगा एवं अंडरग्राउंड माइंस मजदूरों को अलग से नौ फीसदी भत्ता मिलेगा। 2 घंटे तक चली बैठक में श्रमिक संगठनो ने 2012 की पिछली बढ़ोत्तरी के बराबर 25 फीसदी बढ़ोत्तरी की मांग की। जिसके बाद प्रबंधन और मजदूर संगठनों में  कोयला कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोत्तरी पर सहमति हो गयी।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले 

इस बैठक में लिए गये सारे फैसले 1 जुलाई 2016 से लागू होगा। देश के सभी कोयला मजदूरों को करीब 16 महीने का एरियर का भुगतान किया जाएगा। बढ़े हुए वेतन के फिक्सेशन में विलंब को देखते हुए प्रबन्धन ने यह निर्णय लिया है कि दीवाली के पूर्व सभी कर्मचारियों को 40 हज़ार अग्रिम राशि भुगतान किया जायेगा। जिसे बाद में एरियर में एडजस्ट कर दिया जाएगा। इस बैठक में वांशिग भत्ता 150 के बदले 175 रुपये हो जाएगा वहीं मोटरसाइकिल भत्ता 50 रुपया तय किया गया है। लेकिन सभी बढ़े हुए भत्तों में किसी भी प्रकार का एरियर नही मिलेगा।

कोयला कर्मियों के वेतन में होगी न्यूनतम 5322 रूपये की बढ़ोत्तरी

इस फैसले के बाद प्रत्येक कर्मी के वेतन में 5322 रुपये के बढ़ोत्तरी होगी एवं अधिकत्तम 22000 रुपये प्रतिमाह तक वृद्धि होगी। वार्षिक वेतन में प्रतिवर्ष कम से कम 788 रुपये की वेतन वृद्धि होगी। मंथली रेंटेड कर्मी का न्यूनतम वेतन 26292 रुपये हो जायेगा।डेली रेटेड कर्मियों के वेतन में 407 रूवाये की वृद्धि हुई है। अब डेली रेटेड कर्मी को 1011.27 रुपये मिलेगा। इस से पहले डेली रेटेड मजदूरों को 604.33 रुपये मिलते थे। इस हिसाब से डेली रेटेड मजदूरों को अब 29394.23 रुपये मिलेंगे।

बीमार कर्मचारियों को दी जायेगी विशेष सुविधा 

पहले किसी भी कर्मचारी के बीमार पर प्रबंधन उस कर्मचारी को 6 माह तक विशेष छुट्टी देती थी और इसके साथ ही उस मजदूर को 50 फीसदी वेतन दिया जाता था। इस मामले में श्रमिक संगठनों ने पूरे वेतन की मांग की थी लेकिन प्रबन्धन ने इस मांग को नकार दिया लेकिन इस मामले में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए प्रबंधन ने यह निर्णय लिया कि किसी भी बीमार कर्मचारी के स्वस्थ होने तक प्रबंधन उसे 50 फीसदी वेतन का भुगतान करेगी। इस फैसले पर श्रमिक संगठनों ने सहमति जताई।

हिन्दू मजदूर संघ ने किया इस फैसले का विरोध  

इस फैसले पर भारतीय मजदूर संघ,सीटू और एटक के नेताओं ने हस्ताक्षर किये लेकिन हिन्दू मजदूर संघ ने इस फैसले का विरोध करते हुए हस्ताक्षर नही किया। हिन्दू मजदूर संघ के महासचिव रघुनंदन राघवन ने कहा कि दसवें वेतन समझौते में मजदूर हितों की अनदेखी हुई है। आश्रितों को नौकरी और मेडिकल अनफिट मामले में प्रबंधन का रुख सही नही है। कई ऐसे मुद्दे हैं जिसमे प्रबन्धन मजदूरों के खिलाफ निर्णय ले रही है। ऐसे में इस फैसले पर हस्ताक्षर करना मजदूरों के खिलाफ होता।

इस बैठक में कोल इंडिया के चेयरमैन गोपाल सिंह, डीपी आर आर मिश्रा, डीएफ सीके डे एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं श्रमिक संगठनों की ओर से भारतीय मजदूर संघ के डॉ बसंत रॉय,हिन्दू मजदूर संघ के नाथूलाल पांडेय ,सीटू के डीडी रामानंद एटक के रमेन्द्र कुमार और लखन पाल महतो शामिल हुए।

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