बिना शिनाख्त के लाश दफनाने पर भड़के ग्रामीण, थाना प्रभारी निलंबित

संतोष गुप्ता, पाकुड़

पाकुड़। लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के जोबोडीह गांव के पास ग्रामीणों ने लिट्टीपाड़ा पुलिस से आक्रोशित होकर दुमका-पाकुड़ मुख्य सड़क को मंगलवार को जाम कर दिया। करियोडीह पुल के पास मृत व्यक्ति की बिना शिनाख्त करवाये जोबोडीह पुल के समीप पुलिस द्वारा दफना देने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया था। पाकुड़ एसपी शैलेद्र प्रसाद वर्णवाल ने कार्य में लापरवाही बरतने के कारण लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया।

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पुलिस के साथ ग्रामीणों ने की धक्का-मुक्की

मंगलवार को सुबह 6 बजे से ही जोबोडीह और नवाडीह के ग्रामीणों ने भारी संख्या में दुमका-पाकुड़ मुख्य सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने लाश को निकालने और मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग पर सड़क जाम किया। जाम हटाने के लिए एसडीपीओ श्रवण कुमार और लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीण उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुये। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीपीओ श्रवण कुमार और थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा के साथ धक्का-मुक्की भी की। ग्रामीण लाश को निकालने के लिए अड़े हुए थे।

घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी

मौके की नजाकत को देखते हुए बाद में उपायुक्त दिलीप कुमार झा, एसपी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल, अपर समार्हता मनोज कुमार, लिट्टीपाड़ा बीडीओ सत्यवीर रजक सहित पूरा पुलिस महकमा घटनास्थल पर पहुंच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। बात करने के बाद लाश को जेसीबी मशीन की मदद से निकाला गया।

लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी निलंबित

घटना स्थल पर ग्रामीणों से बात करने के बाद पाकुड़ एसपी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने कहा कि लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की करने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।



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क्यों दफनाया था पुलिस ने लाश

सोमवार को करियोडीह पुल के पास मुख्य सड़क पर लिट्टीपाड़ा पुलिस को खुन से लथपथ लाश बरामद हुई थी। लिट्टीपाड़ा पुलिस ने सड़क दुर्घटना का मामला समझते हुए लाश का पोस्टमॉर्टम करवाया। लेकिन लाश का शिनाख्त करवाये बिना सोमवार को ही जोबोडीह पुल के समीप दफना दिया। लिट्टीपाड़ा पुलिस को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए लाश को सुरक्षित रखना चाहिए था लेकिन लिट्टीपाड़ा पुलिस ने बिना शिनाख्त करवाये लाश को 24 घंटे में ही दफना दिया।

गोड्डा का रहने वाला था मृतक

दफनाया गया शख्स गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के पुरो गांव निवासी हेमलाल हेंब्रम था। हेमलाल हेंब्रम रविवार को अपनी बेटी मरांगमय से मिलने नवाडीह गांव आया हुआ था। उसकी तबियत ठीक नहीं थी। वह इलाज के लिए रिंची अस्पताल दवा लेने के लिए चला गया। दवा लेकर लौटने के क्रम में ही उसकी मृत्यु हो गई।



ग्रामीणों के विरोध का कारण

लिट्टीपाड़ा पुलिस ने शव को जोबोडीह पुल के पास नदी के किनारे दफना दिया था। जोबोडीह और नवाडीह के ग्रामीण नदी में स्नान और पूजा के लिए जाते हैं। ऐसे में मौजूद लोगों ने लाश को नदी के किनारे दफनाने का विरोध भी किया था लेकिन लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी ने लोगों को डांटकर भगा दिया था। इसके अलावा आदिवासी परंपरा के अनुसार मौत होने पर उन्हें अपनी ही जमीन पर दफनाने का रिवाज है। ऐसे में किसी अज्ञात व्यक्ति को अन्य के जमीन पर दफनाने पर आदिवासी समाज के लोग भड़क उठे। उनके अनुसार पुलिस ने उनकी परंपरा को तोड़ा है। विरोध के बाद पुलिस को खुद ही लाश को निकालना पड़ा।

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