बिजली के मामले में आत्मनिर्भर होगा झारखंड-मुख्यमंत्री

 

रांची। 2019 तक राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने आवास में एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ उर्जा की समीक्षा के लिए बैठक की। इस बैठक में झारखंड सरकार के अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पतरातू में झारखंड सरकार और एनटीपीसी के द्वारा संयुक्त रूप से लगाये जानेवाला बिजली संयंत्र का जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा। इसके शुरू होने के बाद झारखंड बिजली के मामले में न केवल आत्मनिर्भर बल्कि दूसरे राज्यों को बिजली देने में भी सक्षम हो जायेगा।

18 हजार करोड़ रुपये का खर्च

बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव नितीन मदन कुलकर्णी ने बताया कि पहले फेज में 2400 मेगावाट क्षमतावाले इस संयंत्र में 800-800 मेगावाट की तीन इकाईयां लगेंगी। इस पर 18000 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा। इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और एनटीपीसी की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत होगी।

पीवीयूएनएल का गठन

इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार और एनटीपीसी के बीच संयुक्त उपक्रम पीवीयूएनएल का गठन किया गया है। बैठक में नार्थ कर्णपूरा में 660 मेगावाट की तीन इकाईयों पर भी चर्चा हुई। चट्टी-बरियातु तथा केरेडारी कोल ब्लॉक भी शुरू करने की स्थिति में है।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदूशेखर चतुर्वेदी, जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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