संतोषी की मौत पर केंद्र भेजेगी जांच टीम

सिमडेगा। सिमडेगा के कारीमाटी गांव में रहने वाली 11 साल की बच्ची संतोषी कुमारी की भूख से मौत के मामले में केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिया है। इसके लिए केंद्र सरकार जांच के लिए एक टीम भेजेगी। वहीं सिमडेगा उपायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में संतोषी की मौत मलेरिया से हुई बताया।

केंद्र सरकार हुई गंभीर

केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा की ये मामला बेहद गंभीर है और इस मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अधिकारियों की टीम तथ्यों की जांच के लिए सिमडेगा ज़िले में भेजी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कहीं भी खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन कार्ड को ‘आधार’ से जोड़ना अनिवार्य नहीं किया गया है।

मलेरिया से हुई मौत: जिला प्रशासन

मीडिया में सुर्खियां बनी संतोषी की मौत पर राज्य सरकार ने सिमडेगा जिले के उपयुक्त से जवाब माँगा था। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि संतोषी की मौत भूख से नहीं बल्कि मलेरिया से हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि बच्ची का ईलाज नारायण सिंह से कराया गया था। बच्ची मलेरिया से पीड़ित थी। हालाँकि प्रशासन ने माना है कि लड़की के परिवार का नाम आधार से लिंक नहीं होने की वजह से पीडीएस के लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया था।

विपक्षी पार्टियां हुई मुखर

उधर, राज्य की विपक्षी पार्टियां भी रघुवर सरकार के खिलाफ मुखर हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि पूरे देश में झारखंड को लेकर गलत संदेश गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस घटना ने राज्य प्रशासन की पोल खोल दी है।

भूख से हुई मौत शर्मनाक: बाबुलाल

झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी व बंधु तिर्की बुधवार को कारीमाटी बस्ती टोली गांव पहुंचे। बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से कहा कि भूख से किसी की मृत्यु होना शर्मनाक बात है। सरकार को इस मामले में जल्द कारवाई करना चाहिए।

कब हुई संतोषी की मौत

ज्ञात हो की सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड की पतिअंबा पंचायत के गांव कारीमाटी में रहने वाली 11 साल की बच्ची संतोषी कुमारी की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि संतोषी कुमारी ने 8 दिन से खाना नहीं खाया था, जिसके चलते 28 सितंबर को भूख से तड़पते हुए उसने दम तोड़ दी थी।

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