पंडित रघुनाथ मुर्मू के नाम पर हर वर्ष दिया जाएगा साहित्य सम्मान

 

पूर्वी सिंहभूम। ओलचिकी लिपि के रचनाकार रघुनाथ मुर्मू के नाम पर साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को झारखंड में हर वर्ष पंडित रघुनाथ मुर्मू साहित्य सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूर्वी सिंहभूम जिला में बहरागोड़ा प्रखंड के कोसापुलिया में पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती के अवसर पर पंडित रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति का अनावरण किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रायरंगपुर के आदिवासी समाज के घर में जन्मे पंडित रघुनाथ मुर्मू का जीवन संघर्ष और सृजन की मिशाल है। उन्होंने ओलचिकी लिपि की रचना कर आदिवासी साहित्य को नया आयाम दिया है।

रघुवर दास ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू ने 1936 में ओलचिकी लिपि की रचना की और 1940 में उन्होंने इस पर किताब लिखा। पंडित रघुनाथ मुर्मू ने बाकि का जीवन इस लिपि के प्रचार-प्रसार में लगा दिया।

पंडित रघुनाथ मुर्मू के इस अथक प्रयास के सम्मान में राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में ओलचिकी लिपि में संथाली भाषा में पढ़ाई हो, इसकी व्यवस्था करने का प्रयास सरकार करेगी।

 

%d bloggers like this: