रांची से शुरू हुई कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा

रांची.सोमवार को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी रांची पहुंचे. यहाँ से उन्होंने अपनी “भारत यात्रा” अभियान का शुरुवात किया. यह अभियान यौन उत्पीड़न व ट्रैफिकिंग के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए शुरू किया गया है. इस कार्यकर्म के तहत 5 दिनों तक 22 राज्यों के 11 हजार किमी की यात्रा का उनका कार्यक्र म है.इस कार्यकर्म के दौरान राज्यपाल दौपदी मुर्मू भी उपस्थित थी. राज्यपाल ने हरी झंडी  दिखाकर यौन उत्पीड़न के प्रति जागरुकता लाने के लिए भारत यात्रा की शुभारंभ किया गया. यह यात्रा रिम्स ऑडिटोरियम से निकलकर गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल तक गई. इस यात्रा में हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे और महिलाएं शामिल हुए.

रिंग सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि यह भारत यात्रा नहीं बल्कि एक महायुद्ध है. देश के अंदर भीतर-ही-भीतर हमारे बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न कई की घटनाएं घट रही है. यह घटनाएं उनके घर और स्कूलों में हो रही है. लेकिन पूरा देश चुप है. जब मैंने इस यात्रा का शुभारंभ किया तब मुझे कहा जा रहा था कि यह शर्म की बात है, यह लज्जा की बात है. अब आप बच्चों के साथ हो रहे बलात्कार की बात को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाएंगे. लेकिन मैंने उनकी परवाह नहीं की और विवेकानंद शिला कन्याकुमारी से भारत यात्रा का शुभारंभ किया. इस यात्रा का मकसद है सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत. पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि झारखण्ड के 53 फीसद बच्चों के साथ किसी न किसी रूप में यौन शोषण होता है. समाज के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसे मुद्दों पर आवाज उठायें.
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बाल हिंसा बाल यौन उत्पीड़न और बाल तस्करी को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों को एकजुट होना होगा. तभी इसका स्थाई समाधान निकलेगा. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश उरांव, पद्मश्री अशोक भगत, कार्डिनल पीटी टोप्पो समित झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे.
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