केंद्र प्रायोजित योजनाओं का कार्यांवयन समय पर पूरा होः मुख्यमंत्री

रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में प्रशासनिक मामलों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों से कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं का कार्यांवयन समय पर पूरा हो एवं विकास की दृष्टि से सबसे पिछड़े जिलों की विकास योजनाओं को पूरा करने पर विशेष फोकस दिया जाये। आवश्यकता हो तो प्रक्रियाओं को सरल करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यांवयन तथा ससमय उपयोगिता प्रमाण पत्र दिये जाने के लिए हर विभाग एक नोडल अधिकारी बनाये, जो अपने विभाग के मामलों का विभागीय पदाधिकारी केन्द्र सरकार तथा वित्त विभाग एवं महालेखाकार कार्यालय के साथ ससमय समन्वयन और कार्य निष्पादन कर सके। उन्होंने कहा कि विकास की दृष्टि से जो जिले सबसे पिछड़े हैं, वहां विकास योजनाओं के कार्यांवयन को तीव्र करने तथा यदि किसी प्रकार की बाधा सामने आती है, तो प्रक्रियाओं को सरल करने की कार्रवाई भी करें।

बैठक में राज्य सरकार ने विभिन्न कार्य विभागों को यह निर्देश दिया कि संवेदकों के बिल भुगतान में 31 मार्च 2018 तक जीएसटी के अनुरूप टीडीएस कटौती नहीं करें। पूर्व में ही इस आशय का निर्देश सभी विभागों को भेजा गया था। बैठक में यह भी स्पष्ट निदेश दिया गया कि किसी भी सरकारी कार्य में कार्य करनेवाले संवेदक या आपूर्तिकर्त्ता जिनका वार्षिक टर्न ओवर 20 लाख से अधिक नहीं है,उन्हें जीएसटी के तहत निबंधन की बाध्यता नहीं है। अतः ऐसे मामलों में जीएसटी के निबंधन के लिए किसी प्रकार की बाध्यता न रखी जाये।

बैठक में सभी कार्य विभागों व कोषागारों को यह निर्देश दिया गया कि विकास कार्यों के कार्यान्वयन में पत्थर और लघु खनिज की आवश्यकता तथा वर्तमान में योजनाओं को तीव्र गति से इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कोषागार में खनिज रॉयल्टी की दोगुनी राशि जमा कराकर विपत्र पारित करने की व्यवस्था की जाय। नयी नियमावली के तहत कई जिलों के कोषागारों में रॉयल्टी के दोगुनी राशि के बदले खनिज मूल्य की दोगुनी राशि जमा कराये जाने की सूचना आ रही थी। इसे दृष्टि में रखकर नयी नियमावली में यह सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवष्यक संषोधन करने का निदेश दिया गया। साथ ही, राज्य सरकार ने योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए आवश्यता के अनुरूप पत्थर और लघु खनिजों के लीज परमिट संवेदकों को दिये जाने का निदेश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव उपस्थित थे।

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