अडाणी के पॉवर प्लांट के खिलाफ उतरीं वृंदा करात

गोड्डा। अडाणी पॉवर प्लांट के विरोध में हो रहे आंदोलन को मजबूती देने के लिए सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात शुक्रवार को गोड्डा पहुंची। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक चिंतामणि साह के सर्वोदय आश्रम पर वृंदा करात आंदोलनरत रैयतों से मिलीं। पॉवर प्लांट को लेकर अब तक हुए आंदोलन का जिक्र किसानों ने वृंदा करात से की।

वृंदा करात ने पॉवर प्लांट के लगने से पर्यावरण को पड़ने वाले दुष्प्रभाव, इलाके से होने वाले पलायन, प्लांट से होने वाली पानी की दिक्कतों सहित कई मुद्दों पर आंदोलनरत किसानों से बात की। भूमि बचाओं संघर्ष समिति के संयोजक ने प्लांट के लगने से इलाके के लोगों को होने वाले नुकसान की जानकारी दी।

वहीं वृंदा करात ने बताया कि क्षेत्र के 80 फीसदी किसानों ने जमीन नहीं देने का मन बनाया है, ऐसे में किसी भी कंपनी को बसने का कोई अधिकार नहीं है।

केंद्र सरकार के 2013 के जमीन अधिग्रहण कानून में प्रावधान है कि अगर क्षेत्र की 80 फीसदी जमीन मालिक अपना जमीन देने पर सहमत नहीं होते हैं तो किसी भी हाल में कंपनी को बसने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अगर कंपनी रैयतों की बात नहीं मानती है तो रैयतों के संघर्ष को और बढ़ाये जाने की जरूरत है। माकपा इस लड़ाई में आंदोलनकारियों को हर तरीके से सहयोग करेगी।

माकपा नेता वृंदा करात के साथ राज्य सचिव मंडल व जिले के नेता थे। भाकपा के राज्य परिषद के सदस्य सुरेश यादव ने प्रदीप यादव को जेल भेजे जाने पर कहा कि प्रशासन ने आंदोलनकारियों को जेल भेज रही है।

वृंदा करात गोड्डा में आंदोलनकारियों से मिलने के बाद उन्होंने शनिवार को रांची के पार्टी कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए कही कि झारखंड में सरकार अडाणी को पॉवर प्लांट लगाने के लिए जमीन दे रही है। किसानों से जबरन जमीन ली जा रही है। गोड्डा पॉवर प्लांट में तैयार होने वाली बिजली झारखंड के लोगों को नहीं मिलेगी। पूरी की पूरी बिजली बांग्लादेश को भेजी जाएगी। झारखंड सरकार के कैबिनेट ने यह फैसला लिया है।

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