एडीजी अनुराग व सीएम के सलाहकार पर एफआइआर का आदेश

 

राज्यसभा चुनाव में वोट को प्रभावित करने के आरोप को लेकर झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) प्रमुख बाबूलाल मरांडी की ओर से जारी सीडी प्रकरण में विशेष शाखा के एडीजी अनुराग गुप्ता और सीएम के प्रेस सलाहाकार अजय कुमार (तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार) के खिलाफ चुनाव आयोग ने प्राथमिकी दर्ज करने व विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।

आयोग के प्रधान सचिव वीरेंद्र कुमार ने इस संबंध में झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को पत्र लिखा है। आयोग ने अनुराग गुप्ता को सरकारी सेवक मानते हुए उनके खिलाफ पीसी एक्ट (भ्रष्टाचार), पद का दुरुपयोग, वोटरों को प्रलोभन देने और चुनाव कार्य में हस्तक्षेप करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। अजय कुमार के खिलाफ सिर्फ पीसी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है।

आयोग ने 11 जून 2016 को हुए राज्यसभा चुनाव में सरकार से जुड़े कुछ लोगों पर गड़बड़ी का आरोप संबंधी झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी की लिखित शिकायत और उपलब्ध कराई गई सीडी पर जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया है। आयोग ने पत्र में कहा है कि प्रारंभिक सत्यापन में दो विधायकों चमरा लिंडा और निर्मला देवी से लिखित पक्ष लिया गया है। प्रथम दृष्टया दोनों आरोपी पदाधिकारियों अनुराग गुप्ता और अजय कुमार पर कार्रवाई का आधार सही प्रतीत होता है।

आयोग ने कहा है कि अनुराग गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तुरंत शुरू किया जा सकता है, क्योंकि उन पर पद का दुरुपयोग, चुनाव में हस्तक्षेप और सर्विस रूल, वोटरों को प्रलोभन देना और भ्रष्टाचार का मामला है। उल्लेखनीय है कि आयोग के प्रधान सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने रांची आकर दोनों विधायकों से लिखित पक्ष लिया था। इसकी प्रति भी मुख्य सचिव के साथ ही शिकायतकर्ता को भी भेजी गई है।

चमरा लिंडा ने नहीं दिया था वोट

चमरा लिंडा से 16 अगस्त 2016 को आयोग की टीम ने रांची में पूछताछ की थी। इस दौरान उनसे पूछा गया था कि आपने वोट क्यों नहीं दिया। किसी तरह की धमकी आदि दिए जाने को लेकर भी सवाल किए गए थे। इस पर उन्होंने आयोग को कहा था कि अस्पताल में भर्ती होने और एक मामले में वारंट होने के कारण वे पुलिस कस्टडी में इलाजरत थे।

जानिए, क्या है मामला

राज्यसभा चुनाव के कुछ दिनों बाद झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने दो सीडी जारी की थी। इसमें राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के लिए कांग्रेस विधायक निर्मला देवी के पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और एडीजी अनुराग गुप्ता और अजय कुमार के बीच की गई बातचीत का जिक्र था। इसी प्रकरण में दुर्गा उरांव ने हाई कोर्ट में पीआइएल दायर कर निर्वाचन आयोग के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त, केंद्रीय कैबिनेट सचिव और सीबीआइ निदेशक को प्रतिवादी बनाया था।

दोनों को पद से हटा दिया जाए

दोनों को तत्काल पद से हटाना चाहिए ताकि ये मामले को प्रभावित नहीं कर सकें। निर्वाचन आयोग ने दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज करने को कहा है। तत्काल इस आदेश का भी पालन हो। राज्य सरकार कार्रवाई कर निर्वाचन आयोग को इससे अवगत कराए।

 

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