शिबु सोरेन की अध्यक्षता में हुई “दिशा” की बैठक, लिये गए कई फैसले

 

दुमका। जिला निगरानी समिति का नाम बदल कर “दिशा” कर दिया गया है। दुमका के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि विकास कार्य में लगी कार्यपालिका तथा सांसद, विधायक एंव स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए जिला सतर्कता एंव निगरानी समिति को बदल कर जिला विकास समन्वय एवं पर्यवेक्षण समिति, जिसे “दिशा” कहा जाएगा, को प्रभावी बनाया गया।

इस बैठक में जिले की सभी विभागों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। उन समस्याओं के समाधान के लिए अब तक क्या किया गया है उस पर भी चर्चा हुई।

बैठक में डीसी राहुल सिन्हा ने जन प्रतिनिधियों की सभी समस्याओं को पर गौर किया और उनके समाधान के लिए तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।

गोपीकांदर, जामा और जरमुंडी प्रखंडों में पेयजल के लिए खराब पड़े चापानलों की मरम्मति के लिए जोर देने को कहा गया। ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए उपायुक्त ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप कार्यपालक अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण से जो भी गांव वंचित रह गये हैं उनकी सूची भेंजे। उपायुक्त ने कहा कि पोल लगाने आदि किसी भी कार्य के लिए पैसे की मांग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

मयूराक्षी दायां नहर की लंबे समय से चली आ रही मागं पर डीसी ने झारखंड और बंगाल राज्य के बीच हुए द्विराज्यीय समझौते में संशोधन के लिए पहल करने हेतु प्रस्ताव भेजने का निर्देश सिंचाई विभाग को दिया।

उपायुक्त ने गोपीकांदर क्षेत्र में सड़क निर्माण में गुणवत्ता की शिकायत को लेकर कार्यपालक अभियंता को जांच करने का निर्देश दिया तथा समिति को अवगत कराने का निर्देश दिया।

 

“दिशा” कार्यक्रम की अध्यक्षता दुमका सांसद शिबु सोरेन ने की। बैठक में जामा विधायक सीता सोरेन, डीसी राहुल सिन्हा, डीडीसी शशि रंजन, जिला परिषद अध्यक्षा जोयेस बेसरा, नगर पर्षद अध्यक्षा अमिता रक्षित, मंत्री समाज कल्याण के प्रतिनिधि मुकेश अग्रवाल, राजमहल सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह, जरमुंडी विधायक प्रतिनिधि अशोक यादव के साथ-साथ सभी प्रखंड प्रमुख और सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

“दिशा” की पहली बैठक 30 अगस्त 2016 को हुई थी दूसरी बैठक 2 मई 2017 को हुई।

 

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