अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहा खाद्य विभाग- सचिव

 

रांची। 22 सितंबर को रघुवर सरकार के 1000 दिन पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर हर विभाग अपना काम जनता के सामने रख रही है। इसी कढ़ी में गुरूवार को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एंव उपभोक्ता विभाग के सचिव ने अपने विभाग का काम-काज लोगों के सामने रखा।

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एंव उपभोक्ता विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने कहा कि इन 1000 दिनों में खाद्य विभाग ने काफी कम समय में कई उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में झारखंड पहला राज्य है, जहां पी.टी जी डाकिया योजना, डीबीटी द्वारा किरोसिन तेल का वितरण योजना की शुरूआत और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभुकों को शत् प्रतिशत निःशुल्क गैस स्टोव, प्रथम रिफिल सिलिंडर सहित प्रदान किया जा रहा है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को खाद्यान्न सुलभ कराने के उद्देश्य को पूरा करने में विभाग सफल रहा।

उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2015 से राज्य भर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब तक 56 लाख 06 हजार 879 परिवारों को एक रूपये की दर से चावल/गेहूँ का वितरण किया जा रहा है। जो अधिनियम लागू होने से पहले यह आंकड़ा 35 लाख 9 हजार 833 परिवार था। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण 97 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 1 लाख 45 हजार मीट्रिक टन हो गया। उन्होंने बताया कि डीलर को दिये जाने वाले कमीशन को भी 26 पैसे से बढाकर 1 रू/प्रति किलो कर दिया गया है। लाभुकों के दिये जाने वाला आयोडिन नमक की गुणवत्ता मे सुधार करते हुए अब उन्हें डबल फोर्टिफाईड आयोडिनयुक्त नमक का वितरित किया जा रहा है।

सचिव ने कहा कि इस अधिनियम के तहत अब तक 10,38,714 राशन कार्ड रद्द किये जा चुके है और 9,31,079 नये राशन कार्ड जोड़े गए है, जो विभाग की प्रमुख उपलब्धि है। जिससे अगस्त 2017 तक 72000 हजार मीट्रिक टन अनाज यानि रूपयों में सवा 200 करोड़ की बचत की गई है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक मात्र 19000 परिवारों का ही राशन कार्ड नहीं बन पाया है, जो जनजाति परिवार है और उनके आधार सीडिग का कार्य चल रहा है। जल्द ही इन्हें भी जोड़ दिया जाएगा।

चौबे ने कहा कि खाद्य विभाग को पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है, इसके अलावे जन वितरण प्रणाली को और अधिक सृदृढ़ बनाने के उद्देश्य से खाद्यान्न का परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस आधारित VTS (Vehicle Tracking System) को लगा कर वाहनों की ट्रैकिंग की जा रही है।

इसके अलावे विभाग द्वारा उपभोक्ता हेल्पलाईन नंबर 0651-7122723, +918969583111 जारी किया गया है जो उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देती है। वहीं धान आधिप्राप्ति हेतु बोनस भुगतान योजना के तहत किसानों को धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य 1470 रू के अतिरिक्त 130 रू प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है।

 

 

 

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