बिहार में तय होगी झारखंड की विपक्षी एकता

 

राजन राज,जोहार खबर

 

पटना में हो रहे देश भर के विपक्षी दलों कि रैली में हो सकता है झारखण्ड के विपक्षी दलों का महाजुटान.  27 अगस्त को पटना के गाँधी मैदान  मे होने वाली लालू प्रसाद यादव की बीजेपी हटाओ, देश बचाओ‘ में लालू यादव ने झारखण्ड के सभी प्रमुख विपक्षी दलों को आमंत्रित किया था. झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन और झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा) अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शामिल होने पर सहमति दे दी है. 

लालू यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल ने देश भर के विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया है. रैली में देश भर कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं के आने कि संभावना है.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजद प्रमुख लालू यादव चाहते हैं कि झारखण्ड में जल्द से जल्द एक मजबूत महागटबंधन तैयार हो, ताकि विधानसभा  में बीजेपी सरकार को कड़ी टक्कर दिया जा सके.इसी  कारण उन्होंने झारखण्ड के सभी प्रमुख विपक्षी दलों को रैली में शामिल होने का न्योता भेजा था.

क्या है झारखण्ड में महागटबंधन का फार्मूला

अगर झारखण्ड में विपक्षी दलों के आकड़े को देखा जाये तो एक मजबूत गटबंधन बनायीं जा सकती है, झारखंड विधानसभा में झामुमो के उन्नीस, कांग्रेस के सात, झाविमो के दो और मा‌र्क्सवादी समन्वय समिति व भाकपा (माले) के एक-एक विधायक हैं। इसके अलावा बसपा का भी  एक विधायक है। अगर यह फार्मूला सफल रहा तो महागटबंधन में 30 विधायक और 7 राजनितिक पार्टीयाँ एक साथ होंगे,जो झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कड़ी टक्कर देने में सफल हो सकते हैं.

राजद सुप्रीमो लालू यादव काफी पहले से ही बना रहे थे महा गटबंधन का प्लान  

सूत्रों कि माने तो राजद प्रमुख लालू यादव काफी पहले से ही झारखण्ड में महागटबंधन  बनाने कि तैयारी कर रहे हैं.रांची हाई कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने काफी समय रांची में गुजारा हैं. जहाँ वो अलग-अलग राज नेताओं से मिलते रहे हैं.ज्ञात हो कि झारखण्ड में जब ‘धर्म स्वतंत्र बिल -2017’ पास हुआ तो राजद प्रमुख झारखंड में ही थे, उन्होंने हेमंत सोरेन का साथ देते हुए,बीजेपी सरकार पर कई आरोप लगाये थे और इस विधयेक की उन्होंने काफी निंदा भी की थी.

 झामुमो प्रमुख की नज़र विधानसभा चुनाव पर

अगर झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन कि गतिविधियों को देखें तो हाल ही के कुछ समय में उनकी राजनीतिक सक्रियता काफी  बढ़ी है। उनकी पार्टी  ने ‘अबकी बार हमारी सरकार… चलें गांव की ओर खोलें सरकार की पोल’ अभियान की शुरुवात भी की है. झामुमो प्रमुख प्रखंड स्तर पर अपनी पार्टी को मजबूती देने का प्रयास कर रहे है. आने वाले विधानसभा चुनाव में झारखण्ड मुक्ति सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को कड़ी टक्कर दे सकती है.

 

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