हिरणपुर पशु हाट को लेकर सांसद-विधायक ने की जिला प्रशासन से मुलाकात

 

पाकुड़। पिछले कई हफ्तों से बंद हिरणपुर पशु हाट को फिर से सुचारू रूप से चलाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद एंव विधायकों ने पाकुड़ जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से समहरणालय में बुधवार को मुलाकात की।

हिरणपुर का पशु हाट को लेकर मुलाकात

राजमहल सांसद विजय हांसदा, लिट्टीपाड़ा विधायक साइमन मरांडी, महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी ने उपायुक्त दिलीप कुमार झा एंव पुलिस कप्तान शैलेंद्र वर्णवाल से हिरणपुर पशु हाट को फिर से पहले की तरह शुरू करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताहिक हिरणपुर पशु हाट से ना सिर्फ हिरणपुर बल्कि जिले भर के लोगों को रोजगार मिलता था। इस हाट के बंद होने से छोटे-मोटे व्यापारी भुखमरी की हालात में पहुंच गए हैं। हिरणपुर पशु हाट की तरह उन्होंने महेशपुर के पशु हाट को भी शुरू करने की बात कही।

पत्थर उ्दयोग पर भी चर्चा

जिले में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाला पत्थर उद्योग के बंद होने से भी जिले में बेरोजगारी की समस्या बढ़ने लगी है। सांसद एंव विधायकों ने पत्थर उद्योग को भी फिर से चालू करने की मांग उपायुक्त के सामने रखी। इस उद्योग के बंद होने से मजदूरों में दो जून की रोटी का जुगाड़ करना भी दुश्वार होता जा रहा है। इस कारण कई अधिकांश मजदूर अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में पलायन करने लगे हैं।

प्रशासन का आश्वासन

उपायुक्त दिलीप कुमार झा एंव पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र वर्णवाल ने उनकी शिकायतों पर विचार करने और समस्या के समाधान करने का आश्वासन दिया।

कौन-कौन थे मौजूद

सांसद विजय हांसदा ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों का रोजगार छीन रही है। भाजपा सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की बात करती है लेकिन असलियत में जिसके हाथों में रोजगार था उसे भी छीनने में लगी है। पत्थर उद्योग में काम करने वाले हजारों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में दर-दर भटक रहे है।

सांसद विजय हांसदा,  महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी, लिट्टीपाड़ा विधायक साईमन मरांडी के साथ झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम यादव, जिला सचिव समद अली, जिला उपाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम, जिला प्रवक्ता शाहिद इक़बाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

हिरणपुर पशु हाट का क्या है मामला

 

हिरणपुर में लगने वाला पशु हाट संथाल परगना का सबसे बड़ा पशु हाट है। यह ना सिर्फ संथाल परगना बल्कि बिहार के सोनपुर के बाद लगने वाला सबसे बड़ा पशु हाट है। हिरणपुर पशु हाट में व्यापार करने के लिए झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, नेपाल, बिहार, उत्तर प्रदेश के व्यापारी पहुंचते हैं।

झारखंड के पाकुड़ जिला में स्थित हिरणपुर पशु हाट की सलाना डाक राशि करीब 44 लाख रूपये है। डाक राशि अधिक होने के कारण किसी भी व्यक्ति ने 2007-08 से डाक नहीं लिया है। सरकारी अधिकारी ही राजस्व का उठाव करते आ रहे हैं।

हिरणपुर और उसके आस-पास के कई गांवों के लोगों को रोजी-रोटी इस पशु हाट से जुड़ी हुई है। इन लोगों की रोजी-रोटी पशुओं की खरीद-बिक्री के साथ ही साथ घांस-पुआव और गोबर-गोयठा की खरीद-बिक्री से भी जुड़ी हुई है।

फिलहाल हिरणपुर का पशु हाट बंद है। नियमों की सख्ती के कारण पशु हाट में व्यापारियों ने आना बंद कर दिया है। पर्यावरण मंत्रालय के पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के कारण पशु हाट बंद हुआ है।

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