झारखंड में प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबंध

राजन राज,जोहार खबर

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने का सोमवार को निर्णय लिया है. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव के अनुरूप प्लास्टिक थैले का निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग का पूरे झारखण्ड राज्य में प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव के लिए मंजूरी माँगा गया था, जिसे मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य मंत्रिपरिषद की हुई बैठक में प्लास्टिक पर लगाये जाने वाले प्रतिबन्ध के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है.

कैबिनेट के प्रस्ताव में कहा गया है कि पूर्व में 50 माइक्रोन तक के प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध था, पर इससे उत्पन्न संकट कम नहीं हो रहा है.प्लास्टिक के कारण कई प्रकार कि समस्याएँ हो रही हैं,जिसके कारण इस पर पूरी तरह से परिबंध लगाना बहुत जरुरी है.इस संबंध में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आदेश निकाला गया है। जिसमे यह निर्देश दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति, दुकानदार, खुदरा या थोक विक्रेता, फेरी लगानेवाला प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल नहीं करेगा.

कानून को सख्ती से पालन करने का आदेश 

इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत सजा सुनाई जाएगी. खाद्य सामग्री, दूध, नर्सरी के उन्नत पौधों के लिए इस्तेमाल होनेवाला प्लास्टिक को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
इसे लागू कराने का जिम्मा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्थानीय नगर निकाय और ग्राम पंचायत का होगा. इस सन्दर्भ में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा सभी स्थानीय नगर निकाय और ग्राम पंचायत को एक पत्र भी लिखा गया है, जिसमें इस कानून के बारे में बताया गया है. साथ ही साथ यह भी आदेश दिया गया कि सभी लोग इस कानून का सख्ती से पालन करें.

झारखण्ड में नहीं बनेगा प्लास्टिक
इस कानून के तहत प्लास्टिक उत्पादन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. लेकिन राज्य से बाहर निर्यात करने के लिए प्लास्टिक का निर्माण किया जा सकता है. झारखंड में कोई उद्योग प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण नहीं करेगा. दुकानदार, थोक विक्रेता या फुटकर विक्रेता, व्यापारी, फेरी लगानेवाला, रेहड़ीवाला भी इस्तेमाल नहीं करेंगे.

प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग से पर्यावरण व स्वास्थ्य पर पड़ रहा है बुरा प्रभाव  – प्रधान सचिव 
सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि प्लास्टिक कैरी बैग के विनिर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन या उपयोग को राज्य में पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है. कैबिनेट का मानना है कि राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग से पर्यावरण व स्वास्थ्य पर संकट उत्पन्न हो गया है. प्लास्टिक कैरी बैग से गटर, नालियां अवरुद्ध हो रही हैं. पशुओं के स्वास्थ्य को भी हानि हो रही है. भू-जल रिचार्ज प्रभावित हो रहा है. इससे विषैली गैस भी उत्सर्जित हो रही है.

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