रेपो रेट में कटौती, लोन हो सकता है सस्ता

 

मुंबई। रिजर्व बैंक ने बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों (रेपो रेट) में 0.25 फीसदी की कटौती की है। इस फैसले से होम लोन का र्इएमआर्इ सस्ता हो सकता है। साथ ही बुनियादी ढांचा विकास, विनिर्माण क्षेत्र और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने महंगाई दर का रिकॉर्ड स्तर पर नीचे आने, जून में खुदरा महंगाई दर 1.54 फीसदी के स्तर पर आने से और थोक महंगाई दर का आठ महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद रेपो रेट में एक चौथार्इ की कटौती की है।

मौद्रिक नीति की समीक्षा नीति के तहत रेपो रेट तय करने के लिए छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक मंगलवार से ही चल रही है। यह बैठक खत्म  होने के बाद नीतिगत ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक की ओर से फैसला किया गया है।

रेपो रेट में कटौती के पीछे अहम वजह बताया जा रहा है कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ जून में 19 महीने के सबसे कम हो गई। इसके साथ ही, जनवरी से मार्च की तिमाही में आर्थिक विकास दर भी घटकर 6.1 फीसदी आ चुकी है।

रिजर्व बैंक ने पिछली चार मौद्रिक नीति की समीक्षा में सबसे अहम माने जाने वाले रेपो रेट में किसी तरह की कमी नहीं की थी। उसे सवा 6 फीसदी पर बरकरार रखा था। इसलिए कहा जा रहा है कि इन तमाम कारणों से रेपो रेट में कटौती करना जरूरी था।

 

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