झारखंड की लाल सुमराय टेटे को मिला ध्यानचंद अवार्ड

नई दिल्ली। झारखंड की बेटी सुमराय टेटे को लाइफटाइम अचीवमेंट ध्यानचंद अवार्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हॉकी खिलाड़ी समुराय टेटे को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मंगलवार को सम्मानित किया।सुमराय टेटे भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान एवं कोच भी रह चुकी है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित  कार्यकर्म में इस अवार्ड की घोषणा की गयी.सुमराय झारखंड की पहली आदिवासी महिला है, जिसे इस सम्मान से नवाजा गया है। इससे पूर्व मास्को ओलम्पिक (1980) में स्वर्ण पदक विजेता सिलवानुस डुंगडुंग को ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

शानदार रहा है टेटे का खेल  कैरियर

सुमराय टेटे ने अपनी खेल कैरियर में कई उपलब्धियां अपने नाम की है। मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स 2002 में स्वर्ण पदक,  जोहानिसबर्ग चैंपियन ट्रॉफी 2002 में कांस्य पदक, बुसान एडिशन 2002 में स्वर्ण पदक, सिंगापुर एमआईए हॉकी चैंपियनशिप 2003 में स्वर्ण पदक, हैदराबाद एफ्रो-एशियाई 2003 और नई दिल्ली एशिया कप में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके अलावा मेलबोर्न कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 में रजक पदक सहित कई पदक अपने नाम की है।

घुटने में चोट के कारण 34वें  राष्ट्रीय खेलों में नहीं हो सकीं शामिल 

सुमराय टेटे की यह कामना थी कि उनका खेल कैरियर का अंत झारखंड में आयोजित होने वाले 34वें राष्ट्रीय खेलों के साथ हो। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 2006 में अभ्यास शिविर के दौरान उनके घुटने पर गहरी चोट आ गई, इस कारण उन्हें अपने खेल कैरियर को विराम देना पड़ा। फरवरी 2011 को झारखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल का समुराय हिस्सा नहीं बन पाई।

उनके प्राथमिक कोच जगेश्वर मांझी सहित सभी कोच ने समुराय टेटे को बधाई दी। झारखंड के खेल मंत्री अमर बाउरी, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति, अंसुता लकड़ा और हॉकी झारखंड के प्रेसिडेंट भोलानाथ सिंह ने भी बधाईयां दी।

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