डाकिया योजनाः लाभुक परिवारों को घर पहुंचा कर दिया गया अनाज

 

पाकुड़।  आदिम जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी) के तहत हिरणपुर प्रखण्ड के टोंगी पहाड़ में बुधवार को 52 पहाड़िया परिवारों के बीच चावल का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा पाकुड़ जिला के लिट्टीपाड़ा प्रखंड से ही इस योजना की शुरूआत की गई थी। उसी योजना के तहत हिरणपुर प्रखंड में पहली बार घर जाकर अनाज का वितरण किया गया। इस योजना में लाभुक परिवार के घर जाकर अनाज का वितरण किया जाता है इसलिए इसे डाकिया योजना भी कहा जाता है।

हिरणपुर के सहायक गोदाम प्रबन्धक नोरिक रविदास के नेतृत्व में प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी श्रीकांत पाल के द्वारा अंत्योदय राशन कार्डधारक आदोरि पहाड़िन, आग्नि पहाड़िन, फूलमुनी पहाड़िन सहित टोंगी और तेतोलिया गाँव के पहाड़िया लाभुकों को मई माह का 35 किलो का पॉकेटबन्द चावल दिया गया।

सहायक गोदाम प्रबन्धक ने इस बारे में बताया कि हिरणपुर प्रखण्ड के 613 लाभुक परिवारों के बीच अनाज का वितरण करना है। इसमें बागशीशा-6, बरमसिया-14,  डांगापाड़ा-155, धोवाडांगा-8, घाघरजानी-76, हाथकाठी-52, केंदुआ-301 और सुंदरपुर पंचायत के एक लाभुक परिवार शामिल हैं। सभी लाभुक परिवारों के घर में जाकर अनाज का वितरण किया जाएगा। इस मौके पर वार्ड सदस्य फूलो पहाड़िन सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।  

बता दें कि झारखंड में आदिम जनजाति आबादी को पूरी तरह से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस योजना को आदिम जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना नाम दिया गया है, जिसके तहत अनाज सीधे लाभुक परिवार के घर पहुंचाकर दिया जायेगा।       

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