कौशल विकास पर झारखंड सरकार की ठोस शुरूआत

रांची। विश्व कौशल दिवस के अवसर पर शनिवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि स्किल्ड झारखंड अर्थात सक्षम झारखंड। यह नये भारत और नये झारखंड का आगाज है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन दीनदयाल उपाध्याय कौशल (मेगा स्कील) सेन्टर का शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समावेशी विकास ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सपना है। जिसमें विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े। लोगों की क्रय शक्ति बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकाश पर 700 करोड़ रूपये व्यय कर रही है। बजट में इसे प्रमुखता से रखा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य के 32 प्रतिशत आबादी लगभग 1 करोड़ 5 लाख युवा को स्किल्ड करना एवं हुनरमंद बनाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हुनर उन्हीं क्षेत्रों में दिया जा रहा है, जहां रोजगार की सम्भावना है। इस योजना से रोजगार प्रदायी संस्थाओं को भी जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार है। देश के प्रधानमंत्री ने पहली बार इस चिंता को संज्ञान में लेते हुए कौशल विकास को नया मंत्रालय का रूप दिया। युवा रोजगार से जुड़े या रोजगार करे- पर सरकार की इस पहल से युवाओं की भागीदारी राष्ट्र के निर्माण में होगी।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 32 हजार गांवों से 15-15 महिलाओं को भी महिला उद्यमी बोर्ड के समन्वयकों के द्वारा हुनरमंद किया जा रहा है। इससे राज्य की 4 लाख 80 हजार महिलाएं सशक्त ग्राम्य झारखण्ड का नया चेहरा बनेंगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय के स्वयं सेवकों के द्वारा पंचायत के 100 युवाओं को भी स्किल्ड किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समेकित रूप से यह नए भारत और नए झारखण्ड की आगाज है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ ही दिनों में 50 हजार नियुक्तियां और होंगी। युवाओं के लिए एक भरोसेमंद उम्मीद का दूसरा नाम झारखण्ड है।

रघुवर दास ने कहा कि मुद्रा योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री ने 02 अक्टूबर 2015 को किया था। इसके लाभुक आज अपने व्यापार के मालिक और कईयों को रोजगार मुहैय्या कराने वाले बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल, स्केड और स्पीड को प्रधानमंत्री महत्व देते हुए कहते हैं कि हुनरमंद युवाओं को दृष्टिकोण व्यापक होगा और वे त्वरित विकास की बुनियाद बनेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आगे बढ़ने का जुनून रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मजदूर से मुख्यमंत्री (मुख्य सेवक) तक का सफर इस जुनून और कड़ी मेहनत से ही प्राप्त हो सका है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को बजट में प्रधानता देते हुए सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार की ओर जोड़ने का कार्य कर रही है। खरे ने कहा कि हर जिले में स्वास्थ्य विभाग, नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र खुल रहा है, जिससे स्थानीय लड़कियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से जुड़ सके। 2020 तक सभी प्रखंडों में आईटीआई खोला जाएगा। यह सब एक समेकित टीम भावना और प्रतिबद्ध प्रयास से पूरा होगा।

स्वागत सह विषय प्रवेश उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के सचिव अजय कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर टीआईएसएस तथा आईआईएम के प्रमुखों ने अपनी बातें रखीं। कार्यक्रम में 150 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया। जिनमें 10 नियुक्ति पत्र रश्मि बेक (पूर्वी सिंहभूम), राउडे सोरेन ( पूर्वी सिंहभूम), संगीता कुमारी (रांची), संध्या मुण्डा (रांची), सोनवीर तिवारी (रांची), रेखा कुमारी (रांची), आभा सुचिता कुजूर (गुमला), अनिमा एक्का (गुमला), सुनील कुमार (रांची) और श्याम किशोर (रांची) को मुख्यमंत्री के हाथों दिया गया।

कार्यक्रम में एक्सेल योजना का शुभारम्भ करते हुए टीआईएसएस, आईएलएफएस, बी0आईटी0 मेसरा, रेडिशन एवं कैपिटल हिल के साथ एमओयू करार भी किया गया।
कार्यक्रम में स्किल प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में हुनर ऐप की भी शुरूआत मुख्यमंत्री के द्वारा हुई तथा एक प्रोसेस मैनुअल पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया।

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