दुमका जिला में 19 पत्थर खदानों को मिली पर्यावरण स्वीकृति

 

दुमका।  जिले में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला मुख्य लघु उदयोग पत्थर खनन को ज्यादा मजबूती देते हुए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में 19 पत्थर खदानों को पर्यावरण स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय समाघात निर्धारण प्राधिकरण (DEIAA) एवं जिला स्तरीय विशेषज्ञ आकलन समिति (DEAC)  की शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

 

दुमका जिला पत्थर खनन के लिए मशहूर रहा है। जिले में यह एक मात्र लघु उद्योग है जो लोगों को सबसे ज्यादा रोजगार दे रहा है। इस उद्योग में ना सिर्फ संथाल परगना के लोग रोजगार पा रहे हैं बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के लोग भी काम करने के लिए आते हैं।

 

सरकार की योजना लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की है। ऐसे में दुमका उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा का यह कदम स्वागतयोग्य है। राहुल कुमार सिन्हा क्षेत्र की परिस्थितियों से भली भांति परिचित हो चुके हैं इसलिए वह इस उद्योग के विकास में विशेष ध्यान दे रहे हैं।

 

उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पर्यावरण अनुमोदन के लिए कुल 21 प्रस्ताव लाये गए थे जिनमें दो प्रस्तावों को वन क्षेत्र से निकट रहने के कारण राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण से निर्णय आने तक उनका अनुमोदन स्थगित रखा गया।

 

उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसिब्लिटी (सीएसआर) के तहत कितनी राशि खर्च की जाएगी और उसका व्यय क्षेत्र के संबंध में खान आयुक्त रांची से मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्देश जिला खनन पदाधिकारी सह डियाक के सदस्य सचिव को दिया।

  

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